गृहमंत्री शाह का नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोले-सड़क पर बहस करनी है तो हरियाणा में जगह बता दो
राहुल पर संसद की कार्यवाही को बाधित करने और गंभीर चर्चाओं से भागने का आरोप
कहा-संसद में शोर-शराबा और भारी हंगामा करना कांग्रेस पार्टी की संस्कृति बन चुका है
जब संसद में बात नहीं बनती, तो भीड़ जुटा अराजकता फैलाने की कोशिश करती कांग्रेस
सड़क पर बहस करने का इतना शौक है, तो वे हरियाणा का कोई भी चौराहा तय कर लें
मतदाता सूची पारदर्शी बनाने के लिए फर्जी व गैर-कानूनी घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे
नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर संसद की कार्यवाही को बाधित करने और गंभीर चर्चाओं से भागने का आरोप लगाया है। अमित शाह ने कहा कि संसद में शोर-शराबा और हंगामा करना कांग्रेस की संस्कृति बन चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब संसद में बात नहीं बनती, तो कांग्रेस सड़कों पर भीड़ जुटाकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करती है।
हरियाणा के किसी भी चौराहे बहस के लिए आ जाएं राहुल
सड़क पर चर्चा करने की चुनौती देते हुए अमित शाह ने राहुल गांधी को सीधा आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी को संसद छोड़कर सड़क पर बहस करने का इतना ही शौक है, तो वे हरियाणा का कोई भी चौराहा तय कर लें। शाह ने कहा कि राहुल से बहस करने के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का अध्यक्ष ही काफी है। उन्होंने नसीहत दी कि लोकतंत्र में संसद की बातें संसद के भीतर होनी चाहिए, न कि सड़कों पर।
हार स्वीकारने के बजाय ‘रेफरी’ को चीटर बताते हैं राहुल
चुनाव परिणामों पर राहुल गांधी के रवैये को लेकर गृह मंत्री ने कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार के बाद राहुल गांधी अपनी संगठनात्मक और व्यक्तिगत नाकामियों को स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर अनर्गल आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, तो मैच हारने के बाद रेफरी को चीटर बताने की तरह राहुल गांधी भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं।
फर्जी और घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे
मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया का जिक्र करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए फर्जी और गैर-कानूनी घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं और ऐसे तत्वों को देश से बाहर निकाला जाएगा। हालांकि, दुख की बात यह है कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी वोट बैंक की राजनीति के कारण इन घुसपैठियों के बचाव में खड़ी नजर आ रही है।







