पंजाब विधानसभा का 6 दिवसीय स्पेशल सेशन का आगाज, नशा और कानून-व्यवस्था पर घिर सकती है मान सरकार
नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार मुद्दों पर फोकस
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं
सत्र की शुरुआत दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के साथ
कांग्रेस मुख्यमंत्री मान के इस्तीफे की मांग भी उठा सकती है
पांच रिपोर्ट और तीन प्रस्ताव पेश किए जाने की जानकारी है
पंजाब डेस्क
पंजाब विधानसभा का 6 दिवसीय स्पेशल सेशन का आगाज होने जा रहा है। 27 अक्टूबर तक चलने वाले सत्र में नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं। सत्र की शुरुआत दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी। विपक्ष नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या, राज्य में नशा तस्करी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेर सकता है।

पांच रिपोर्ट और तीन प्रस्ताव पेश किए जाने की जानकारी
इस दौरान पांच रिपोर्ट और तीन प्रस्ताव पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, तुरबंजारा के मजदूर गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से भी सवाल पूछे जा सकते हैं। कांग्रेस मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग उठा सकती है।
नशे के खिलाफ उपलब्धियां गिना कर विपक्ष का जवाब
वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार का फोकस केंद्र की बीजेपी सरकार पर रहने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, आप मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। पार्टी नशे के खिलाफ अपने अभियान की उपलब्धियां गिनाकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे सकती है। साथ ही, पिछली सरकारों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में केंद्र की भूमिका पर सवाल उठाए जा सकते हैं।
सीबीआई और ईडी की कार्रवाई सदन में चर्चा का विषय
सीबीआई और ईडी की कार्रवाई भी सदन में चर्चा का विषय बन सकती है। आम आदमी पार्टी इन कार्रवाइयों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए केंद्र पर निशाना साध सकती है, जबकि विपक्ष इन्हीं मामलों को लेकर सरकार से सवाल कर सकता है। अब सबकी नजरें विधानसभा की कार्यवाही पर हैं कि नशा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच क्या बहस होती है और सरकार क्या जवाब देती है।









