पंजाब पुलिस का कांस्टेबल 525 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार, दो साथी भी पकड़े गए
तरनतारन में BSF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, पूर्व कांग्रेस विधायक कुलबीर सिंह जीरा की सुरक्षा में तैनात था कांस्टेबल अमरजीत सिंह
पंजाब के तरनतारन जिले में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पंजाब पुलिस के एक कांस्टेबल को 525 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कांस्टेबल के दो अन्य साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई BSF और थाना खालड़ा पुलिस ने संयुक्त रूप से बासरके अड्डे पर नाकाबंदी के दौरान की।

जानकारी के अनुसार, नाकाबंदी के दौरान एक बोलेरो गाड़ी की तलाशी ली गई, जिसमें से 525 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने अफीम के साथ गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है।
पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा की सुरक्षा में तैनात था कांस्टेबल
गिरफ्तार कांस्टेबल की पहचान अमरजीत सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह फिरोजपुर जिले से संबंधित है और पूर्व कांग्रेस विधायक कुलबीर सिंह जीरा की सुरक्षा में तैनात था। उसके साथ गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह और जगबीर सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक ने जारी किया वीडियो संदेश
इस मामले के सामने आने के बाद पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि अमरजीत सिंह को केवल तीन दिन पहले ही उनकी सुरक्षा में तैनात किया गया था। जीरा के अनुसार, उनका पिछला गनमैन बीमार था, जिसके बाद अमरजीत सिंह को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
जीरा ने आरोप लगाया कि कांस्टेबल ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के करीब एक घंटे बाद ही अपनी जिम्मेदारी निभाने में आनाकानी करने लगा और बाद में उन्हें बताए बिना वहां से चला गया।
सरकार और पुलिस विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने जानबूझकर कांस्टेबल को उनकी सुरक्षा में तैनात किया था, ताकि उन्हें कथित तौर पर झूठे एनकाउंटर में खत्म करने की साजिश रची जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए राज्य सरकार और पुलिस विभाग जिम्मेदार होंगे।
हालांकि, पूर्व विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच से जुड़े आगे के तथ्यों का इंतजार है।
नोट: मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोप जांच के अधीन हैं। दोष सिद्ध होना अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।








