मूसेवाला के पिता ने झोटे के परिवार को दी नसीहत, बोले- जो गलतियां मैनें की, आप मत करना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सरकार की ओर से किए गए वादों पर सवाल उठाए
बेटे की हत्या के बाद न्याय दिलाने का भरोसा, लेकिन अब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला
वह और झोटा भारतीय दंड संहिता की धारा 307 से जुड़े मामले में साथ जेल में रहे हैं
दुख और तनाव की स्थिति में उनके लिए सोच-समझकर निर्णय लेना मुश्किल होता है
परविंदर सिंह झोटा के परिवार के समर्थन में पहुंचे सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सरकार की ओर से किए गए वादों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की हत्या के बाद अमित शाह ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला। बलकौर सिंह के मुताबिक, जांच के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं। परविंदर के परिवार के साथ पुराने संबंध हैं। उन्होंने खुलासा किया कि साल 2008 में वह और झोटा भारतीय दंड संहिता की धारा 307 से जुड़े एक मामले में साथ जेल में रहे थे। जब भी उनके बेटे मूसेवाला को परेशानी होती थी, तो झोटा उनकी मदद के लिए तुरंत पहुंच जाता था। तभी इस मुश्किल समय में झोटा के परिवार के साथ खड़े हैं।

भीम सिंह को सलाह-जो गलतियां कीं, आप मत करना
धरने में शामिल बलकौर सिंह ने झोटा के पिता भीम सिंह को सलाह दी कि बेटे को खोने के बाद उन्होंने जिन गलतियों का सामना किया, वैसी गलतियां वह न करें। उन्होंने कहा कि दुख और तनाव की इस स्थिति में परिवार के लिए सोच-समझकर निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि परिवार को इस दौरान उचित सहयोग मिले और कोई भी कदम उठाने से पहले हर पहलू पर विचार किया जाए।
जत्थेबंदियों के संघर्ष से सरकार का ध्यान गया : बलकौर
बलकौर सिंह ने परविंदर झोटा के परिवार के समर्थन में आगे आने वाली सभी जत्थेबंदियों का आभार जताया। संगठनों के समर्थन और लगातार किए जा रहे संघर्ष के कारण ही सरकार का ध्यान इस मामले की ओर गया। इस आंदोलन और दबाव के चलते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पंजाब आना पड़ा। उन्होंने परिवार के साथ खड़े होने वाले लोगों की भूमिका को अहम बताया और कहा कि ऐसे मामलों में एकजुटता बेहद जरूरी है।
अमित शाह से मुलाकात और आश्वासनों का किया जिक्र
बलकौर सिंह ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच को लेकर अमित शाह के साथ हुई अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान उन्हें जांच को लेकर कई आश्वासन दिए गए थे। मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) और एक रिटायर्ड जज के माध्यम से कराने की बात कही गई थी। इसके अलावा, नार्को टेस्ट कराने का भरोसा भी दिया गया था। इन आश्वासनों के बावजूद उन्हें अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं मिला है।
‘मुझे भी संगरूर से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था’
बलकौर सिंह ने राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही नेताओं को हर मुद्दे में राजनीति दिखाई देने लगती है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें भी संगरूर से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया था। इस पर उन्होंने जवाब दिया था कि वह अपने बेटे के फूल चुनकर आए हैं। ऐसे दुखद समय में चुनाव लड़कर सांसद बन जाना और फिर घर लौटकर जश्न मनाना उनके लिए संभव नहीं था।








