पंजाब में सरकारी बसों का चक्का जाम! जालंधर के 300 कर्मचारी हड़ताल पर, बसों का इंतजार नजर आए यात्री
जालंधर समेत राज्य के विभिन्न बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया
यहां यात्रियों को मंजिल तक पहुंचने के लिए प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ा
डिपो-1 और डिपो-2 के काम बंद होने से बसों के संचालन में बाधा आई सामने
किलोमीटर स्कीम तहत निजी बसों को बढ़ावा दिए जाने पर भी सवाल उठाए
पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब की ओर से बुधवार को जालंधर समेत राज्य के विभिन्न बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण सरकारी बसों का संचालन प्रभावित हुआ, जिसके चलते यात्रियों को मंजिल तक पहुंचने के लिए प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ा। कर्मचारियों की हड़ताल का असर जालंधर में सरकारी बस सेवाओं पर देखने को मिला। डिपो-1 और डिपो-2 के करीब 300 कर्मचारियों के काम बंद रखने से बसों के संचालन में बाधा आई। यात्रियों को मंजिल तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी।

ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने समेत तीन प्रमुख मांगें
यूनियन प्रधान के मुताबिक, कर्मचारियों का संघर्ष मुख्य रूप से तीन मांगों को लेकर चल रहा है। इनमें ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर रखने, विभिन्न आंदोलनों के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मामलों को रद्द करने और पनबस में सर्विस रूल बनाकर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग शामिल है।
ड्राइवर-कंडक्टर से क्लेरिकल स्टाफ तक शामिल
यूनियन के मुताबिक, पंजाब रोडवेज और पनबस से जुड़ी संबंधित श्रेणियों में राज्यभर में करीब 7,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें ड्राइवर, कंडक्टर, वर्कशॉप स्टाफ, डाटा ऑपरेटर, क्लेरिकल स्टाफ और एडवांस बुकिंग कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों ने किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इस व्यवस्था से सरकारी परिवहन प्रणाली को नुकसान पहुंच रहा है।








