जालंधर के श्री राम चौक में पटाखा कारोबारी करेंगे प्रदर्शन, राओवाली में मार्केट पर रोक लगाने से भड़के
अब पटाखा कारोबारियों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया
सरपंच जसवीर राणा के विरोध में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है
प्रदर्शन के जरिए पूरे मामले को जनता के सामने रखने की तैयारी
इस धरना-प्रदर्शन के बाद व्यापारिक यूनियनों के साथ बैठक होगी
जालंधर
जालंधर के गांव राओवाली में अस्थायी पटाखा मार्केट लगाने को लेकर विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। पंचायत के विरोध और अदालत की रोक के बाद अब पटाखा कारोबारियों ने भी आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। कारोबारियों ने सरपंच जसवीर सिंह राणा के विरोध में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके तहत दोपहर 1 बजे श्री राम चौक (कंपनी बाग), जालंधर में व्यापारियों की तरफ धरना दिया जाएगा। इस प्रदर्शन के जरिए कारोबारी पूरे मामले को जनता के सामने रखने की तैयारी कर रहे हैं।
दोपहर 1 बजे श्रीराम चौक जुटेंगे पटाखा कारोबारी
पटाखा कारोबारियों की ओर से विकास भंडारी, रवि महाजन, संजीव बाहरी और धीरज कुमार ने विभिन्न पटाखा एसोसिएशनों के सदस्यों से संपर्क कर धरने में शामिल होने की अपील की है। कारोबारियों की ओर से भेजे गए संदेश में सभी सदस्यों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर जोर दिया गया है। प्रदर्शन के दौरान राओवाली पटाखा मार्केट को लेकर अब तक हुए घटनाक्रम की जानकारी आम जनता के साथ साझा की जाएगी।
धरने के बाद व्यापारिक यूनियनों के साथ होगी बैठक
कारोबारी इस मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखने की तैयारी में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि धरना-प्रदर्शन के बाद जालंधर की विभिन्न व्यापारिक यूनियनों के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में पटाखा मार्केट विवाद को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। इस पहल से संकेत मिल रहे हैं कि कारोबारी इस मुद्दे पर अन्य व्यापारिक संगठनों का समर्थन जुटाकर अपनी आवाज को व्यापक स्तर पर उठाना चाहते हैं।

पंचायत के साथ बातचीत से हल चाहते थे कारोबारी
इससे पहले पटाखा कारोबारियों ने पंचायत के प्रति सम्मान जताते हुए कहा था कि वे पंचायत की हिदायतों और सुरक्षा से जुड़े सभी मापदंडों का पालन करने के लिए तैयार हैं। कारोबारियों ने कहा था कि पंचायत के साथ किसी तरह का आर्थिक लेनदेन नहीं हुआ है। पहले बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की इच्छा जताई थी। हालांकि, मामला अदालत तक पहुंचने और अस्थायी पटाखा मार्केट लगाने पर रोक लगने के बाद विवाद गहरा गया है।









