पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा की मौत का मामला गरमाया
लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू को बताया ‘महामूर्ख’, कीमती भगत ने परिवार से भी पूछे सवाल
17 दिनों से इंसाफ की मांग कर रहा परिवार, झोटा का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया
पंजाब गौ सेवा आयोग के वाइस चेयरमैन कीमती भगत ने इस मामले में खुलकर अपनी बात रखी
परिवार यह भी बताए कि आखिर ऐसे हालात क्यों बने, जिनमें अश्वनी कुमार को गोली चलानी पड़ी
आरोपी अश्वनी नशा बेच रहा था तो झोटा को सरकार और प्रशासन से शिकायत करनी चाहिए थी
पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा की मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए परिवार और संघर्ष कमेटी का आंदोलन अभी भी जारी है। परिवार पिछले 17 दिनों से इंसाफ की मांग कर रहा है और अभी तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। दूसरी तरफ, पंजाब सरकार ने मानसा की तीनों सब-डिवीजनों के डीएसपी बदल दिए हैं। पंजाब गौ सेवा आयोग के वाइस चेयरमैन कीमती भगत ने इस मामले में खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने मानसा में हुई घटना को निंदनीय बताया, लेकिन लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू पर भी जमकर निशाना साधा। ‘महामूर्ख’ बताते हुए दोनों समाजसेवी नहीं हैं, बताया और कहा कि पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही हैं।

लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू पर साधा निशाना
कीमती भगत ने कहा कि इस संघर्ष में शामिल दो लोग ऐसे हैं, जो अपने बयानों और गतिविधियों के जरिए पंजाब के हालात खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू को निशाने पर लेते हुए कहा कि दोनों को समाजसेवी नहीं कहा जा सकता। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों की वजह से मामला सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है।
झोटा के परिवार से वीडियो के जरिए पूछे सवाल
कीमती भगत ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार को संबोधित करते हुए वीडियो के जरिए कुछ सवाल भी उठाए। उन्होंने पूछा कि परिवार यह बताए कि आखिर ऐसे हालात क्यों बने, जिनमें अश्वनी कुमार को गोली चलानी पड़ी। अगर अश्वनी कुमार नशा बेच रहा था तो झोटा को इसकी शिकायत सरकार और प्रशासन से करनी चाहिए थी। उन्होंने घटना को लेकर अपनी दलील रखते हुए झोटा के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।
नशा सिर्फ पंजाब में नहीं, पूरे देश में बिक रहा है
कीमती भगत ने नशे के मुद्दे पर भाजपा को भी घेरा। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में नशा बिक रहा है। अगर पंजाब में नशे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तो भाजपा शासित राज्यों में भी नशे की समस्या पर जवाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पंजाब की नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।
अमित शाह के पंजाब दौरे पर भी उठाए सवाल
कीमती भगत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस के वरिष्ठ नेता गगनेजा की मौत के बाद अमित शाह उनके परिवार से मिलने नहीं पहुंचे। अब परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात केवल चुनावी फायदे के लिए की गई है। गुजरात में बड़ी मात्रा में नशा पकड़े जाने के मामलों पर भी जवाब देना चाहिए। गुजरात में नशे की समस्या को कौन खत्म करवाएगा?
नशे के मुद्दे पर BSF और केंद्र से भी मांगा जवाब
कीमती भगत ने पंजाब में नशा तस्करी के मुद्दे पर BSF की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि BSF केंद्र सरकार के अधीन आती है, इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट लेने की मांग की। एक तरफ परिवार अभी भी इंसाफ और अपनी मांगों को लेकर अंतिम संस्कार करने के फैसले पर अड़ा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।









