जेल ब्रेक की बड़ी वारदात, पुलिसकर्मियों पर हमला कर 17 कैदी भागे, 17 स्पेशल टीमें गठित
अबतक 4 फरार कैदियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी कैदियों की तलाश जारी
सुरक्षाकर्मी जेल का दरवाजा खोल अंदर पहुंचे तो कैदियों ने अचानक उनपर हमला कर दिया
घटना में कैदियों के फरार होने के बाद पुलिस ने आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है
डिंडीगुल जिले में 16 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी
तमिलनाडु से बड़ी खबर सामने आई है, जहां थेनी जिले की एक सब-जेल में पुलिसकर्मियों पर हमला करने के बाद 17 कैदी फरार हो गए। सोमवार देर रात हुई इस घटना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अब तक 4 फरार कैदियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी 13 कैदियों की तलाश जारी है। उन्हें पकड़ने के लिए 17 विशेष पुलिस टीमें बनाई गई हैं। रात के समय जेल कर्मचारियों को सूचना मिली कि एक कैदी की तबीयत खराब हो गई है। जब कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी जेल का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे, तो कैदियों ने अचानक उन पर हमला कर दिया और मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए।

हमले में 3 पुलिसकर्मी घायल
इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी भी शामिल हैं, जिनके सिर में चोट आई है। उन्हें जी. विलाक्कु सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दो अन्य जेल कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं। कैदियों के फरार होने के बाद पुलिस ने आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस ने मदुरै, डिंडीगुल और केरल के इडुक्की जिले के अधिकारियों को भी सूचना दी है।
1995 की घटना की आई याद
तमिलनाडु में कैदियों के फरार होने की इस घटना की तुलना 1995 की एक बड़ी घटना से की जा रही है। उस समय वेल्लोर किले के अंदर बने विशेष हिरासत शिविर से लिट्टे (LTTE) संगठन के 43 संदिग्ध सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उस सुरंग की लंबाई करीब 153 फीट थी। फिलहाल, पुलिस की कई टीमें फरार कैदियों की तलाश में जुटी हैं। फरार कैदियों की तस्वीरें सभी संबंधित पुलिस थानों में साझा की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।







